
डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ ऐलान
Donald Trump Tariff Announcement: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ टैरिफ की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा करते हुए कहा कि यह मुक्ति दिवस है, एक ऐसा दिन जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ट्रंप ने इस दौरान कहा कि हमारे देश को अन्य देशों ने लूटा है। उन्होंने कहा कि करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मैं दुनिया भर के देशों पर पारस्परिक (रेसिप्रोकल) टैरिफ लगाने वाले एक ऐतिहासिक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहा हूं। रेसिप्रोकल, इसका मतलब है कि वो हमारे साथ जैसा कर रहे हैं, वैसा ही हम उनके साथ करेंगे।” नए टैरिफ रेट के मुताबिक अमेरिका चीन से 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ से 20 फीसदी, जापान से 24 परसेंट और भारत से 26 फीसदी टैरिफ वसूलेगा। ट्रंप की ओर से टैरिफ का ऐलान किए जाने के बाद दुनियाभर से प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। चलिए आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा है।
कनाडा करेगा जवाबी कार्रवाई
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ऐलान किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ उनका देश जवाबी कदम उठाएगा। पीएम कार्नी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होगी कि अमेरिका को किस तरह से जवाब देना है।
‘यह दोस्त का काम नहीं’
अमेरिकी टैरिफ को लेकर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का इस बात पर असर पड़ेगा कि ऑस्ट्रेलियाई लोग इस रिश्ते को कैसे देखते हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह किसी दोस्त का काम नहीं है।
क्या है ब्रिटेन का रुख ?
अमेरिका ने ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। अमेरिका के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ पर ब्रिटेन ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन की तरफ से कहा गया है कि वो स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
‘गलत है अमेरिका का कदम’
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईयू के विरुद्ध नए 20 प्रतिशत शुल्क को ‘गलत’ बताते हुए कहा कि इससे किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होगा। मेलोनी ने ‘फेसबुक’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘हम अमेरिका के साथ एक समझौते की दिशा में काम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, जिसका उद्देश्य एक व्यापार युद्ध से बचना है।
ब्राजील ने क्या कहा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्राजील पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। ब्राजील की सरकार ने कहा है कि वह अमेरिका के इस फैसले का मूल्यांकन कर रही है। उचित जवाबी कदमों पर विचार किया जा रहा है।
‘यह वर्ल्ड इकनॉमी के लिए गंभीर’
नॉर्वे के व्यापार और उद्योग मंत्री सेसिली मायरसेथ ने कहा, “हम गणना कर रहे हैं और देख रहे हैं कि क्या हुआ है लेकिन यह स्पष्ट है कि यह वर्ल्ड इकनॉमी के लिए गंभीर है। यह हम पर भी असर डालेगा।
स्वीडन का क्या रहा रुख
स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “स्वीडन मुक्त व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए खड़ा रहेगा।”
दक्षिण कोरिया क्या करेगा?
दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक नेता प्रधानमंत्री हान डक-सू ने अधिकारियों से कहा है कि वो नए 25 प्रतिशत शुल्क के संभावित प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए व्यापारिक समूहों के साथ काम करें ताकि ‘नुकसान को कम से कम किया जा सके।’
चीन ने क्या कहा?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन ‘‘अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए दृढ़ता से जवाबी कदम उठाएगा।’’ हालांकि चीन ने यह नहीं बताया कि वह इसके जवाब में क्या कदम उठा सकता है। चीन ने कहा, ‘‘चीन अमेरिका से अपने एकतरफा शुल्क उपायों को तुरंत रद्द करने और समान बातचीत के माध्यम से अपने व्यापारिक भागीदारों के साथ मतभेदों को ठीक से हल करने का आग्रह करता है।’’
क्या रहा मेक्सिको को रुख
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा कि वह ट्रंप की घोषणा के मेक्सिको पर प्रभाव का आकलन करेंगी।
क्या बोले चिली के राष्ट्रपति
भारत यात्रा पर आए चिली के राष्ट्रपति ग्रेब्रियल बोरिक ने भारत में एक व्यापार मंच से चेतावनी दी कि इस तरह के कदम अनिश्चितता पैदा करने के अलावा, ‘‘पारस्परिक रूप से सहमत नियमों’’ और ‘‘अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों’’ को भी चुनौती देते हैं।
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